राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड
( शहरी विकास मंत्रालय ,भारत सरकार )
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परियोजना निगरानी एवं समन्‍वय

अवसंरचना परियोजनाओं से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्टों, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड  से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की अपेक्षा की गई है, पीएमसी विंग में उप-क्षेत्र के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड और निगरानी प्रकोष्ठों के माध्यम से अथवा सीएमए कस्बों के नोडल अभिकरणों के माध्यम से प्राप्त की जाती हैं।  विभिन्न योजनाओं के साथ अनुपालन का पता लगाने के पश्चात संबंधित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र  प्रकोष्ठों द्वारा बोर्ड को परियोजनाएं अग्रेषित की जाती हैं। तकनीकी दृष्टि से और क्षेत्रीय योजना के साथ अनुरुपता सुनिश्चित करने के लिए पीएमसी विंग द्वारा वित्तीय विंग और योजना विंग आंतरिक मूल्यांकन के अलावा, इस प्रयोजन के लिए बोर्ड द्वारा नियुक्त विभिन्न मूल्यांकन अभिकरणों की मदद से बोर्ड में इन परियोजनाओं का मूल्यांकन किया जाता है। मूल्यांकन कार्य की पहल और समन्वय के कार्य पीएमसी विंग द्वारा किए जाते हैं। विभाग में उप निदेशक (तकनीकी) स्तर का एक अधिकारी निदेशक (प्र. एवं वित्त) को रिपोर्ट करता है।

मूल्यांकन के पश्चात, परियोजना प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए परियोजना मंजूरी एवं निगरानी समूह के समक्ष रखा जाता है।

परियोजना मंजूरी एवं निगरानी समूह-I का गठन

अधिसूचना संख्या के-14011/13/85-एनसीआर दिनांक 8.7.1985 के अनुसार, बोर्ड द्वारा वित्तीयन के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित स्कीमों के प्रति अलग-अलग परियोजनाओं की पहचाने के लिए, इनके लिए किश्तें निर्मुक्त करने के लिए और परियोजनाओं की प्रगति की सतत समीक्षा करने के लिए बोर्ड के कार्य, शक्तियां और कर्त्तव्य इस समूह के निम्नलिखित व्यक्तियों को सौंपी गई हैं:

i) सचिव, शहरी विकास मंत्रालय (भूतपूर्व निर्माण और आवास मंत्रालय) अध्‍यक्ष
ii) सचिव (व्‍यय) अथवा उनका प्रतिनिधि सदस्‍य
iii) सलाहकार, योजना आयोग अथवा उनका सलाहकार सदस्‍य
iv) संयुक्त सचिव, शहरी विकास मंत्रालय में एनसीआर के प्रभारी सदस्‍य
v) राज्‍यों और दिल्‍ली संघ राज्‍य क्षेत्रों में राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रभारी सचिव सदस्‍य
vi) मुख्‍य नियोजक, टीसीपीओ, नई दिल्‍ली सदस्‍य
vii) सदस्‍य सचिव, एनसीआर योजना बोर्ड, संयोजक

परियोजना मंजूरी और निगरानी समूह-I की शक्‍तियां

1. 1. इस समूह को नियमों के अनुसार बोर्ड द्वारा अभिज्ञात कांउटर मैग्‍नेट क्षेत्र के सविकास के लिए और उप-क्षेत्रीय योजनाओं एवं परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन के लिए ऋण तथा अनुदान मंजूर करने की शक्‍तियां प्राप्‍त हैं।

2. यह समूह बोर्ड की ओर से सर्वेक्षण और अध्‍ययन शुरु करने की शक्‍तियों का भी प्रयोग करेगा।

परियोजना मंजूरी और निगरानी समूह-II का गठन

अधिसूचना संख्‍या के-14011/13/85-एनसीआर दिनांक 9.1.1997 के अनुसार, बोर्ड द्वारा वित्‍तीयन के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित स्‍कीमों के प्रति अलग-अलग परियोजनाओं की पहचाने के लिए, इनके लिए किश्‍तें निर्मुक्‍त करने के लिए और परियोजनाओं की प्रगति की सतत समीक्षा करने के लिए बोर्ड के कार्य, शक्‍तियां और कर्त्‍तव्‍य इस समूह के निम्‍नलिखित व्‍यक्‍तियों को सौंपी गई हैं:

i) सदस्‍य सचिव, एनसीआर योजना बोर्ड, अध्‍यक्ष
ii) संयुक्‍त सचिव (वित्‍त), शहरी विकास मंत्रालय अथवा उनका प्रतिनिधि सदस्‍य
iii) शहरी विकास मंत्रालय का प्रतिनिधि सदस्‍य
iv) योजना आयोग का प्रतिनिधि सदस्‍य
v) राज्‍यों और सघ राज्‍य क्षेत्रों में राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रभारी सचिव सदस्‍य
vi) मुख्‍य क्षेत्रीय नियोजक, राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड  

परियोजना मंजूरी और निगरानी समूह – II शक्‍तियां

इस समूह को नियमों के अनुसार बोर्ड द्वारा अभिज्ञात कांउटर मैग्‍नेट क्षेत्र के विकास के लिए और उप-क्षेत्रीय योजनाओं एवं परियोजना योजनाओं में ऋण तथा अनुदान मंजूर करने के लिए प्रत्‍येक मामले में 500.00 लाख रुपए तक
अध्‍ययन / सर्वेक्षण करने के लिए प्रत्‍येक मामले में 20.00 लाख रुपए तक

1. पीएमसी विंग बोर्ड द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करने के लिए पीएसएमजी बैठकों और अन्य समीक्षा बैठकों में समन्वय का कार्य करती है/ आयोजन करती है

2. पीएमसी विंग पीएसएमजी द्वारा लिए गए निर्णयों के संबंध में कार्यवृत्त जारी करती है और तत्पश्चात ऋण की मंजूरी वित्तीय विंग द्वारा जारी की जाती है।

3. पीएमसी विंग योजना और वित्तीय विंग के संयोजन में सूचित की गई प्रगति और समुपयोजन प्रमाण-पत्रों के आधार पर परियोजनाओं के आवधिक सत्यापन की निगरानी करता है और ऐसे कार्य करता है।

4. पीएमसी विंग पूरी कर ली गई और चल रही परियोजनाओं के संबंध में आधार आंकडे तैयार करती है।

भूमिका एवं कार्यकलाप